विद्यार्थियों
के
लिए
सबसे
सस्ते
लैपटॉप
का
इंतजार
खत्म।
लगभग
ढाई
साल
की
सरकारी
कोशिशों
के
बाद
उसकी
पहली
खेप
इसी
महीने
आने
जा
रही
है।
अभी
कीमत
होगी
महज 2200 रुपये।
आगे
चलकर
और
भी
कम
हो
जाएगी।
सरकार
इसे
उच्च
शिक्षा
में
क्रांतिकारी
बदलाव
के
रूप
में
देख
रही
है।
उच्च
शिक्षा
के
छात्रों
की
पढ़ाई-लिखाई
के
लिए
अपने
तरीके
के
इस
बिल्कुल
अलग
लैपटॉप
को
अपने
देश
के
इंजीनियरों
के
डिजाइन
पर
कनाडा
से
बनवाया
गया
है।
बाद
में
यह
देश
में
ही
बनेगा।
फिलहाल
एक
लाख
लैपटॉप
के
ऑर्डर
दिए
जा
चुके
हैं।
उसका
पूरा
भुगतान
मानव
संसाधन
विकास
मंत्रालय
करेगा।
तीन-चार
महीने
के
भीतर
ये
लैपटॉप
आ
जाएंगे।
फील्ड
ट्रायल
के
लिए
हर
राज्य
सरकार
को 3000 लैपटॉप
मुफ्त
में
दिए
जाएंगे।
राज्यों
के
जरिए
ही
यह
उच्च
शिक्षा
के
छात्रों
तक
प्रायोगिक
तौर
पर
पहंुचेंगे।
राज्य
सरकार
इन्हें
किन
छात्रों
के
हाथ
पहंुचाती
है, यह
अधिकार
उसका
होगा।
लैपटॉप
में
छात्रों
को
कोई
खामी
दिखती
है, तो
उसे
दूर
किया
जाएगा।
लैपटॉप
की
पहली
खेप
में
आइआइटी
राजस्थान
के
पास
इसी
महीने
पहंुच
रही
है।
उसके
लिए
दस
हजार
लैपटॉप
के
ऑर्डर
दिए
गए
हैं।
मानव
संसाधन
विकास
मंत्रालय
ने
उसके
लिए
धन
भी
मुहैया
करा
दिया
है।
चूंकि
अभी
सिर्फ
एक
लाख
लैपटॉप
के
आर्डर
दिए
गए
हैं।
एक
लैपटॉप
की
कीमत 2200 रुपये
आ
रही
है।
ऑर्डर
बढ़ने
पर
यह
लगभग 1500 रुपये
तक
आ
सकती
है।
सरकार
ने
राष्ट्रीय
शिक्षा
सूचना
एवं
संचार
प्रौद्योगिकी
मिशन
के
जरिए
उच्च
शिक्षा
में
प्रौद्योगिकी
के
अधिकतम
इस्तेमाल
पर
जोर
दिया
है।
उसी
क्रम
में
यह
सबसे
सस्ता
लैपटॉप
छात्रों
के
लिए
तैयार
कराया
गया
है।
इस
पर
बीते
ढाई
साल
से
काम
चल
रहा
था।
बताते
हैं
कि
आगे
चलकर
छात्रों
के
लिए
लैपटॉप
खरीदने
में
केंद्र
व
राज्य
के
बीच
खर्च
में 50:50 का
बंटवारा
हो
सकता
है।
फिलहाल
एक
बार
एक
लाख
लैपटॉप
के
उपयोग
में
आने
के
बाद
बाकी
औपचारिकताओं
को
पूरा
किया
जाएगा।
Thursday, 9 June 2011
छात्रों के लिए आया 2200 का लैपटॉप
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment